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केरल में मंदिर में आई फेमस मुस्लिम व्लागर, तालाब में पैर धोकर चली गई; वीडियो वायरल होने के बाद हुआ शुद्धिकरण_我的网站

一 | AI摘要
长乐区检法联合在潭头镇开展非法狩猎案巡回庭审。被告人杜某某禁猎期捕杀保护动物,当庭认罪并缴纳修复费、认购碳汇。此举将法治课堂开到家门口,警示群众敬畏自然、保护生态。 पीटीआई, त्रिशूर। केरल के गुरुवायूर स्थित प्रसिद्ध श्रीकृष्ण मंदिर में मंगलवार को एक ''शुद्धिकरण अनुष्ठान'' किया गया। यह अनुष्ठान एक गैर ¨हदू व्लागर द्वारा मंदिर के पवित्र तालाब पर हाल ही में बनाए गए वीडियो के बाद किया गया। कहा गया है कि उसने पवित्र तालाब का वीडियो बनाते समय अपने पैर धोये थे। मंदिर सूत्रों के अनुसार, शुद्धिकरण अनुष्ठान के मद्देनजर मंदिर में दर्शन दोपहर 1.30 बजे तक प्रतिबंधित था। उन्होंने बताया कि शुद्धिकरण अनुष्ठान के तहत ''शीवेली'' नामक एक जुलूस निकाला गया और अन्य पूजा भी आयोजित की गई। श्रीकृष्ण मंदिर का प्रबंधन करने वाले गुरुवायूर देवस्वोम ने सोमवार को शुद्धिकरण अनुष्ठान की घोषणा की थी। एक पोस्ट में देवस्वोम ने कहा था कि एक गैर-हिंदू महिला ने पवित्र तालाब में प्रवेश कर वीडियो बनाया था। यह धार्मिक रूप से सही नहीं था। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद महिला ने इंटरनेट मीडिया से अपनी इस पोस्ट को हटा लिया है। इसके लिए उसने माफी भी मांगी है।,
मंदिर धर्मनिरपेक्ष स्थान नहीं, बल्कि पवित्र स्थल: केंद्रीय मंत्री
कर्नाटक सरकार द्वारा मैसूर में दशहरा उत्सव के उद्घाटन के लिए बुकर पुरस्कार विजेता लेखिका और कार्यकर्ता बानू मुश्ताक को दिया गया आमंत्रण कांग्रेस बनाम भाजपा की लड़ाई में तब्दील होता जा रहा है। आज केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार द्वारा आमंत्रण का समर्थन करने वाली टिप्पणी पर आपत्ति जताई।,करंदलाजे ने एक्स (जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था) पर एक पोस्ट में लिखा कि उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की यह टिप्पणी कि चामुंडेश्वरी मंदिर हिंदुओं का नहीं है, अत्यंत निंदनीय है। आगे कहा कि ऐसा लगता है कि वह कांग्रेस आलाकमान को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसने उन्हें कर्नाटक विधानसभा में आरएसएस की प्रार्थना पढ़ने के लिए पहले ही फटकार लगा दी थी। कांग्रेस पार्टी का लहजा, तेवर और रुख हमेशा से हिंदू विरोधी और हिंदू हितों के खिलाफ रहा है।,
मंदिर पवित्र स्थान है
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग धर्मनिरपेक्षता का उपदेश देते रहते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि मंदिर "धर्मनिरपेक्ष स्थान" नहीं हैं, बल्कि वे पवित्र संस्थान हैं जिनका अधिकार हिंदुओं का है।。
巡回公开庭审在潭头镇二刘村榕树下进行。(受访单位供图)
村口榕荫之下,国徽高悬,公诉人、法官、被告人依次就位,围坐的村民凝神静听……这并非模拟演练,而是一场真实的巡回公开庭审。近日,长乐区检察院联合长乐区法院,将一起非法狩猎案的开庭现场搬进潭头镇二刘村,把生态法治课堂开到群众家门口。

二 | 2025年10月中旬,时值禁猎期,被告人杜某某在未取得狩猎许可的情况下,使用网购工具,于长乐区某山场(禁猎区)捕获国家“三有”保护动物小麂一只,致其死亡。这一行为不仅触犯了刑法,更造成了野生动物资源损失与生态环境损害。长乐区检察院在依法指控杜某某非法狩猎犯罪的同时,就其行为造成生态环境损害的事实,一并提起刑事附带民事公益诉讼。

三 | 庭审中,公诉人围绕案件事实、证据采信、法律适用,精准剖析了本案行为的刑事违法性与生态危害性。被告人杜某某当庭对犯罪事实供认不讳,自愿认罪认罚,主动缴纳生态环境修复费用,并表示愿意认购林业碳汇用于替代性修复生态服务功能损失。

四 | “希望被告人能深刻认罪悔过,正视自身错误,切实承担起生态修复责任,也希望在场旁听群众以此案为戒,敬畏法律、敬畏自然,自觉抵制各类非法猎捕野生动物、破坏山林生态的行为。”公诉人当庭开展法庭教育,一字一句直击旁听群众心灵。

五 | (记者 杨玉娟)。
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Published on:04:33:21